वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- सीएम योगी ने सोमवार को प्रदेश के लोगों के नाम पत्र यानी कि ‘योगी की पाती’ लिखा है। उन्होंने कहा है कि प्रकृति से विमुख होकर आधुनिक बनना ठीक नहीं है। प्रकृति के बीच सिर्फ पर्यटक बनकर नहीं, बल्कि जिज्ञासु विद्यार्थी बनकर जाएं।
उन्होंने इस पत्र में लोगों से कहा है कि जैव विविधता के संरक्षण का प्रयास जन भागीदारी बढ़ने पर ही सफल होगा।
उन्होंने लिखा, ‘सनातन संस्कृति में प्रकृति के प्रत्येक जीव को सृष्टि का अभिन्न अंग माना गया है। जैव विविधता के संरक्षण का प्रयास तभी सफल होगा, जब जन भागीदारी बढ़ेगी। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि जब भी प्रकृति के बीच जाने का अवसर मिले, तो केवल पर्यटक बनकर नहीं, बल्कि जिज्ञासु विद्यार्थी की भांति उस स्थल को परखें। अपने अनुभवों को व्लॉग और आलेखों के माध्यम से साझा करें। प्रकृति के प्रति जागरूकता और अपनापन ही हमारी जैव विविधता के सबसे बड़े संरक्षक हैं।’
