साथ ही उपचारित भूमि पर फसल उत्पादन कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। योजना के तहत 35,600 हेक्टेयर बीहड़ एवं बंजर भूमि का सुधार किया जाएगा, वहीं 8,250 हेक्टेयर जलभराव क्षेत्र में भूमि उपचार, कृषि वानिकी और वृक्षारोपण आदि कार्य किए जाएंगे।

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-यूपी में 43,850 हेक्टेयर अनुपयोगी भूमि बनेगी कृषि योग्य, किसानों को मिलेगा लाभ