वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- आज से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसूत्र सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानभवन के आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों और अन्य संगठनों की ओर से धरना-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर विधानभवन की निर्धारित परिधि में ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ागाड़ी, बैलगाड़ी, भैंसागाड़ी, तांगा समेत अन्य धीमी गति वाले वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी।

आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, सिलेंडर, घातक पदार्थ और अन्य हथियार लेकर भी इस क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही लालबत्ती चौराहा से बंदरियाबाग चौराहा, वहां से गोल्फ क्लब चौराहा-पार्क रोड होते हुए सिविल अस्पताल चौराहा, सिविल अस्पताल से अटल चौक-मेफेयर तिराहा होते हुए नावेल्टी चौराहा, नावेल्टी से आईटीएमएस चौराहा होते हुए बर्लिंग्टन चौराहा, बर्लिंग्टन से सदर कैंट पुल होते हुए उदयगंज तिराहा और उदयगंज से अब्दुल हमीद चौराहा होते हुए लालबत्ती चौराहा तक का क्षेत्र प्रतिबंधित परिधि में रखा गया है।
इस क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन समेत ऐसी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो। जेसीपी ने बताया कि अभिसूचना के आधार पर ऐसे अनधिकृत व्यक्तियों या समूहों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जिनसे शांति एवं सद्भाव प्रभावित होने, हिंसा की आशंका, संरक्षित भवनों को नुकसान पहुंचाने या श्रेणीबद्ध सुरक्षा प्राप्त महानुभावों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होने की संभावना हो।
ड्रोन उड़ाने पर भी रोक-
राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधानभवन और सरकारी कार्यालयों के ऊपर तथा आसपास के नो-फ्लाइंग जोन में ड्रोन से शूटिंग और फोटोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अन्य स्थानों पर भी पुलिस आयुक्त या संयुक्त पुलिस आयुक्त की अनुमति के बिना ड्रोन उड़ाने पर रोक होगी।
ईको गार्डन के अलावा प्रदर्शन पर कार्रवाई-
शासन द्वारा निर्धारित ईको गार्डन स्थल को छोड़कर अन्य स्थानों पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त या पुलिस उपायुक्त की पूर्व अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों का जुलूस निकालना अथवा सार्वजनिक स्थान पर पांच या अधिक लोगों का समूह बनाना भी प्रतिबंधित रहेगा। शासन से अनुमन्य कार्यक्रमों को आवश्यकतानुसार छूट दी जा सकती है।
इंटरनेट मीडिया पर भी नजर-
विधानसभा सत्र के दौरान इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्मों की लगातार निगरानी की जाएगी। अफवाह, भ्रामक सूचना, आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण कर संबंधित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।