वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
- गोरखपुर में 68 हजार से अधिक ग्रामीण लाभार्थियों को लाभ।
- ग्राम सभा में 30 जून तक होगा पात्रता सत्यापन।
- प्रत्येक लाभार्थी को मिलेंगे 1.20 लाख रुपये और अन्य सहायता।
गोरखपुर- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का घर पाने का सपना देख रहे जिले के 68 हजार से अधिक जरूरतमंदों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। अगले माह में उनके खातों में योजना की पहली किस्त पहुंचने की संभावना है।
अंतिम पात्रता तय करने के लिए गुरुवार से ग्राम सभा की खुली बैठक में पारदर्शी सत्यापन कराया जाएगा, यदि कोई अपात्र मिलेगा तो उसकी सूचना केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, जहां से उसका नाम लाभर्थियों की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। सत्यापन की यह प्रक्रिया 30 जून तक चलेगी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी ग्राम पंचायतों को आवेदकों की सूची भेजी जा रही है। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार रोस्टर के हिसाब से ग्राम सभा की खुली बैठकों का कार्यक्रम तय कर लिया गया है। बैठक में एक-एक आवेदक का नाम सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। यदि किसी नाम पर आपत्ति होती है तो ग्रामीण उसी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
संबंधित ग्राम पंचायत उस आपत्ति को रिपोर्ट के साथ ब्लाक पोर्टल पर आनलाइन अपलोड करेगी। इसके बाद जिला मुख्यालय से ग्राम्य विकास विभाग जांच कर अपनी संस्तुति केंद्र को भेजेगा। यदि किसी भी नाम पर कोई आपत्ति नहीं आती है तो सूची को यथावत स्वीकार कर लिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
योजना के तहत सर्वे कार्य 31 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 14 अक्टूबर 2025 को पूरा हो गया था। इसके बाद करीब पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन बजट जारी न होने से लाभार्थियों को अब तक किस्त नहीं मिल सकी है। नतीजतन हजारों परिवार आज भी कच्चे मकानों, झोपड़ियों, टीन-शेड और फूस की छत के नीचे रहने को मजबूर हैं। हर मौसम उनके लिए नई चुनौती लेकर आता है, खासकर बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है।
सबसे अधिक आवेदन बेलघाट ब्लाक से आए हैं, जहां 10,541 लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा बड़हलगंज में 4,993 और उरुवां में 4,434 आवेदक सूची में शामिल हैं। खजनी, कैंपियरगंज, गगहा, सरदारनगर और पाली जैसे ब्लाकों में भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार पक्के मकान की आस लगाए बैठे हैं। कुल मिलाकर जिले में 68,136 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो योजना की व्यापक आवश्यकता को दर्शाते हैं।
इधर, मानसून नजदीक आने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। कई आवेदकों का कहना है कि उनके कच्चे मकान तेज बारिश या आंधी में कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। ऐसे में यदि समय रहते धनराशि मिल जाती है तो वह इस बरसात सुरक्षित हो जाते। हालांकि निर्धारित समय से मानसून ने दस्तक दी तो आवेदकाें को इस बारिश में भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा क्योंकि अगले महीने तक किस्त तो जारी हो जाने की पूरी संभावना है लेकिन, निर्माण में समय लग जाएगा।

शहरी लाभार्थियों को मिल चुकी है धनराशि-
महानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को 16 मार्च 2026 को ही धनराशि मिल चुकी है। इनमें गोरखपुर के भी 3063 लाभार्थी शामिल हैं, जिन्हें पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। यही नहीं जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी अधिकांश लाभार्थियों के घरों का कार्य पूरा हो चुका है। इस वर्ष जिले में 225 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला है।परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग दीपक सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सर्वे और अन्य प्रक्रियाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं। अब आखिरी चरण की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो रही है। पारदर्शिता के लिए ग्राम सभा की खुली बैठकों में आवेदकों के नाम पढ़े जाएंगे। अगले महीने तक पहली किस्त जारी हाे जाने की उम्मीद है।
प्रत्येक लाभार्थी को मिलेंगे 1.20 लाख रुपये-
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को कुल 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। इसमें 40 हजार रुपये पहली किस्त, 70 हजार रुपये दूसरी किस्त और 10 हजार रुपये अंतिम किस्त के रूप में मिलते हैं। इसके अलावा 90 दिन की मजदूरी के लिए 21,330 रुपये और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये अलग से प्रदान किए जाते हैं।
