वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- चारबाग में शुक्रवार दोपहर एक बजे फुटओवर ब्रिज से बासमंडी की ओर बढ़े। एपी सेन रोड पर बाईं ओर मुड़कर कुछ दूर चले और अरोड़ा बुक डिपो के पास से गया प्रसाद गली में बढ़ चले।
करीब छह से आठ फीट की गली में भव्य होटल सम्राट मिला। जहां एसी रूम सहित हर तरह की सुविधाओं का दावा करता बोर्ड भी लगा था। होटल का नक्शा व अग्नि सुरक्षा के नियमों के तहत मानक पूरे नहीं थे।
चारबाग के एपी सेन रोड के दोनों तरफ गलियों में होटलों का बड़ा कारोबार-
एपी सेन रोड पर ही कुछ आगे बढ़ने पर मुन्ने लाल धर्मशाला पर चले तो होटल त्रिवेदी पहुंचने के लिए मानों अंधेरी सुरंग जैसा रास्ता पार करना पड़ा। अंदर यह होटल बड़े भू-भाग में फैला था। होटल संचालक इतने प्रभावशाली है कि क्षेत्रीय पार्षद के माध्यम से सड़क की इंटरलाकिंग कार्य का पत्थर लगा था। बिजली के तारों का दूर तक मकड़जाल दिख रहा था।
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नियमों को दरकिनार करके शहर में संचालित 290 होटलों की सूची में ये होटल भी शामिल हैं। जिनकी अब जांच होनी है। असल में चारबाग के अलावा नाका हिंडोला, अमीनाबाद आदि क्षेत्रों में अवैध होटलों पर कार्रवाई करने के लिए सूचीबद्ध किया था लेकिन, सिर्फ नोटिस भेजकर ही अधिकारी मौन हो गए, जांच में जो भवन अवैध मिले उन पर ही कार्रवाई करने की किसी को हिम्मत नहीं हुई।
एलडीए में वर्षों से चल रहा सिर्फ नोटिस-नोटिस का खेल, कार्रवाई सिफर-
कई ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हो चुके हैं। प्रभावी कार्रवाई न होने से ही होटलों का नक्शा व सुरक्षा मानक अधूरे हैं। इतना ही नहीं एलडीए के अधिकांश अपार्टमेंट में अग्नि सुरक्षा का प्रमाण पत्र तक कालातीत हो चुका है। एलडीए जोन छह के जोनल अधिकारी प्रभाकर ने कहा, अब जल्द ही जांच और कार्रवाई साथ-साथ होगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा, जांच टीमें पूरे शहर में निरीक्षण करके कार्रवाई करेंगी।
