वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
बैठक में 169 शिक्षकों की पदोन्नति की गई। इनमें 56 वरिष्ठ आचार्य, 54 आचार्य, 15 सह आचार्य तथा 44 सहायक आचार्य पद पर शिक्षक पदोन्नत किए गए। इसके अलावा शोध एवं संस्थागत परियोजनाओं के संचालन के लिए परियोजना क्रियान्वयन एवं निधि प्रबंधन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया लागू करने को स्वीकृति दी है।
पूर्व छात्रों संग उद्योग प्रतिनिधि भी देंगे पाठ्यक्रमों में सुझाव-
लवि ने पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए विभागीय अध्ययन मंडलों में दो पुरातन छात्र, दो विद्यार्थी और एक उद्योग प्रतिनिधि को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने पर सहमति जताई।
इस व्यवस्था से पाठ्यक्रम निर्माण में पूर्व विद्यार्थियों के अनुभव, वर्तमान विद्यार्थियों की अपेक्षाएं और उद्योग की आवश्यकताएं शामिल की जा सकेंगी। पूर्व विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत होने के कारण पाठ्यक्रमों की उपयोगिता पर व्यावहारिक सुझाव दे सकेंगे। उद्योग प्रतिनिधि रोजगार बाजार, कौशल विकास, व्यावसायिक संभावनाओं और उद्योग की मांगों के अनुसार सुझाव देंगे।
सीएसआर के सहयोग से शुरू होगी छात्रवृत्ति और फेलोशिप-
विश्वविद्यालय ने कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी पहल और सहयोग के लिए दिशा निर्देश तैयार किए हैं। सीएसआर सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप, प्रायोजित शोध एवं विकास, उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, आधारभूत संरचना विकास, स्टार्टअप एवं नवाचार सहयोग, संकाय विकास, चेयर प्रोफेसरशिप, सामुदायिक विकास कार्यक्रम शामिल होंगे। सीएसआर में सहयोग देने वाली कंपनियां विश्वविद्यालय नियमों के अनुरूप पार्ट-टाइम पीएच.डी, उद्योग-प्रायोजित प्रोफेसर आफ प्रैक्टिस, शोध परियोजनाओं, नवाचार, पेटेंट, तकनीकी समाधान और कुशल मानव संसाधन विकास से जुड़ सकेंगी।
