यूपी में ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर शिकंजा, पकड़े जाने पर ओला-उबर पर नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- यूपी में ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर शिकंजा, पकड़े जाने पर ओला-उबर पर नहीं होगा रजिस्ट्रेशन वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- यूपी में ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर शिकंजा, पकड़े जाने पर ओला-उबर पर नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- यूपी में ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर शिकंजा, पकड़े जाने पर ओला-उबर पर नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-

लखनऊ- प्रदेशभर में एप से चलने वाले सभी तरह के वाहनों की सख्त निगरानी होगी। उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक व वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 जारी हो चुकी है।

इसके तहत ओला, उबर सहित एप आधारित वाहन सेवा देने वाली कंपनियों को ऑनलाइन पंजीकरण अगले माह से कराना होगा।

नई नीति में प्रविधान है कि यदि नशे में वाहन चलाने का अपराध पिछले तीन साल में हुआ है तो ऐसे चालकों का पंजीकरण नहीं होगा। पंजीकृत होने के बाद यदि नशे में वाहन चलाने का चालान होता है तो ऐसे चालक तब तक वाहन नहीं चला सकेंगे, जब तक दोषमुक्त न हों जाएं।

महिलाओं के यात्रा करने पर वाहन में महिला चालक का चयन करने की भी सुविधा होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 93 में एक जुलाई 2025 को संशोधन किया था। केंद्र सरकार के नियम को उत्तर प्रदेश ने अपनाया है।

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पहले ओला-उबर आदि पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें पंजीकरण कराना पड़ेगा। कैबिनेट में 10 मार्च को मुहर लगने के बाद अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल ने 22 मई को नई नीति जारी कर दी है। राजधानी में 25 हजार से अधिक एप से चलने वाले वाहन हैं।

वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन और फिटनेस टेस्ट कराया जाएगा। चालकों की जांच मनोचिकित्सक से भी कराने का नियम है। चालक के पास न्यूनतम दो साल का ड्राइविंग अनुभव भी होना चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी वाहनों में पैनिक बटन लगे होंगे, उसे वीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़ा जाएगा। वाहन कहां चल रहा है? कौन गाड़ी चला रहा है? यह अभी नहीं जान पाते थे।

अब वाहन बुक कराते ही ड्राइवर की पूरी जानकारी ही नहीं सात दिन तक ड्राइव बुक कराने का पूरा ब्योरा पोर्टल पर दिखेगा। सेवा प्रदाता के लिए एप आधारित वाहनों का पंजीकरण कराने की ऑनलाइन आवेदन की फीस 25 हजार रुपये होगी, लाइसेंस पांच लाख रुपये में मिलेगा। प्रदेशभर में जनवरी व फरवरी माह में ड्रिंक एंड ड्राइव में 987 चालान किए जा चुके हैं।

ड्राइवरों का होगा बीमाओला-उबर या अन्य वाहनों के ड्राइवरों का पांच लाख लाख रुपये का स्वास्थ्य व टर्म बीमा 10 लाख रुपये का होगा। शिकायतों की सुनवाई के लिए 24 घंटे ग्रीवांस सेल सक्रिय रहेगी। हर वाहन की रेटिंग होगी, यह रेटिंग यात्रियों के हाथ में रहेगी। उसी के आधार पर ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण दिलाना अनिवार्य होगा।

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