93 KM की जगह अब 170 किमी, 12 नए रूट प्रस्तावित… लखनऊ मेट्रो का होगा बड़ा विस्तार; चारबाग से PGI हटा

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज- 93 KM की जगह अब 170 किमी, 12 नए रूट प्रस्तावित... लखनऊ मेट्रो का होगा बड़ा विस्तार; चारबाग से PGI हटा वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज- 93 KM की जगह अब 170 किमी, 12 नए रूट प्रस्तावित... लखनऊ मेट्रो का होगा बड़ा विस्तार; चारबाग से PGI हटा
लखनऊ मेट्रो।

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-

लखनऊ मेट्रो का विस्तार अब 93 की जगह 170 किलोमीटर होगा, जिसमें 12 नए रूट प्रस्तावित हैं। यूपीएमआरसी ने अगले 15 साल की जरूरतों को देखते हुए यह सर्वे रिपोर्ट शासन को सौंपी है, जिस पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

लखनऊ-ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के बाद लखनऊ का मेट्रो का विस्तार 170 किलोमीटर और होगा। लखनऊ मेट्रो ने कुल 12 नए रूट के लिए सर्वे किया है। इस सर्वे में पिछले प्रस्तावित रूट में आंशिक बदलाव किया गया है। विजन 2047 के तहत यूपीएमआरसी ने पहले आठ नए रूटों पर मेट्रो सेवाएं दौड़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।

नए प्रस्ताव में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। चारबाग से कैंट होकर एसजीपीजीआई के रूट को नए प्रस्ताव से हटा दिया गया है।

15 साल की जरूरत का सर्वे कर शासन को यूपीएमआरसी ने सौंपी रिपोर्ट-

यूपीएमआरसी ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को छोड़कर पहले जिन आठ रूटों को प्रस्तावित किया था, उसका दायरा 93.76 किलोमीटर था। वहीं, नए प्रस्ताव में मेट्रो का विस्तार 170.37 किलोमीटर तक प्रस्तावित है। इसमें 149.87 किलोमीटर एलिवेटेड और 20.5 किलोमीटर भूमिगत कारिडोर प्रस्तावित है। वसंतकुंज से कल्ली पश्चिम कारिडोर सबसे लंबा 34 किलोमीटर का होगा।

मेट्रो में यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 80 हजार से बढ़कर 87 हजार तक हो गई-

ईरान-इजरायल व अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत सहित दुनिया भर में तेल को लेकर गहराए वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों देशवासियों से सार्वजनिक यातायात के साधन के अधिक उपयोग की अपील की थी। उनकी अपील का असर हुआ कि एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक दौड़ रही मेट्रो में यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 80 हजार से बढ़कर 87 हजार तक हो गई।

सर्वे के तहत अगले 15 साल में 170 किलोमीटर और नए रूट पर मेट्रो की आवश्यकता-

वहीं, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मुख्य सचिव ने एक बैठक कर मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर पर फीडर सर्विस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर ही उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने नए सिरे में मेट्रो सर्विस की डिमांड का सर्वे कराया है। सर्वे के तहत अगले 15 साल में 170 किलोमीटर और नए रूट पर मेट्रो की आवश्यकता होगी। इसपर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च आएगा

लखनऊ मेट्रो।

सर्वे बाद दिया इन प्रस्तावित रूटों का प्रस्ताव: कॉरिडोर -कुल लंबाई-एलिवेटेड-भूमिगत-

  • राजाजीपुरम से आईआईएम-18 किमी.-5.65 किमी.-12.35 किमी.
  • एयरपोर्ट से कल्ली पश्चिम -15.5 किमी.-8.5किमी.-7 किमी.
  • इंदिरानगर से अनौराकला-9.66 किमी. -9.66 किमी. – 0
  • इंदिरानगर से सीजी सिटी-11.5 किमी. -11.5 किमी. – 0
  • सीजी सिटी से एसजीपीजीआई -9.8 किमी. -9.8 किमी. – 0
  • राजाजीपुरम से मूसाबाग – 5.98 किमी. -4.83 किमी. – 1.15 किमी.
  • वसंतकुंज से आईआईएम -12 किमी. – 12 किमी. – 0
  • मुंशीपुलिया से जानकीपुरम -6.5 किमी. – 6.5 किमी. – 0
  • अनौराकला से बाराबंकी- 14.43 किमी. – 14.43 किमी. – 0
  • कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज-7.2 किमी. – 7.2 किमी. – 0
  • वसंतकुंज से कल्ली पश्चिम – 34.8किमी. – 34.8किमी. – 0
  • अनौरा कला से कल्ली पश्चिम -25.0 किमी.- 25.0 किमी. – 0

पूर्व में यह रूट था प्रस्तावित-

  1. इंदिरानगर से अनौराकला -9.27 किमी.
  2. अनौराकला से बाराबंकी -14 किमी.
  3. इंदिरानगर से सीजी सिटी -7.7 किमी.
  4. चारबाग से कल्ली पश्चिम -13 किमी.
  5. राजाजीपुरम से आईआईएम -18.42 किमी.
  6. मुंशीपुलिया से जानकीपुरम -6.29 किमी.
  7. सीजी सिटी से एयरपोर्ट -19.08 किमी.
  8. कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज -6 किमी.

सर्वे में रूट की लंबाई कम रखी गई है। इससे यह प्रोजेक्ट जल्दी पूरे होंगे। साथ ही इनको चरणबद्ध तरीके से पूरा करना आसान होगा। यूपीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद आगे डीपीआर बनाने जैसी कार्यवाही शुरू होगी।

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