वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और खेल-आधारित बनाने के लिए योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब प्रदेश की सभी बालवाटिकाओं को ‘संपूर्ण शैक्षणिक सामग्री’ से लैस किया जा रहा है। बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की तैनाती के बाद, सरकार का पूरा ध्यान अब बच्चों को खेल-खेल में सीखने का आनंददायी माहौल देने पर है।
इस विशेष मुहिम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार किताबों और खेल सामग्रियों के वितरण में किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। क्यूआर कोड और विशेष ‘किताब वितरण ऐप’ के जरिए सामग्री की ब्लॉक और बालवाटिका स्तर तक रियल टाइम निगरानी की जा रही है।
इस समग्र शैक्षणिक पैकेज में मुख्य रूप से चार चीजों को शामिल किया गया है।
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एजुकेटर गाइड- शिक्षकों को गतिविधि-आधारित शिक्षण में मदद करने के लिए।
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बाल वर्कबुक- बच्चों की रचनात्मकता और दिमागी कसरत के लिए।
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बिग बुक्स- बड़े चित्रों और आकर्षक कहानियों के जरिए बच्चों का ध्यान खींचने के लिए।
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समग्र प्रगति कार्ड- बच्चों के सर्वांगीण विकास का सटीक आकलन करने के लिए।
इन 5 क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस-
योगी सरकार की इस अनूठी पहल का उद्देश्य बच्चों के विद्यालयी जीवन की शुरुआत को तनावमुक्त और आकर्षक बनाना है। यह पूरी पाठ्यचर्या बच्चों के पांच प्रमुख विकासात्मक क्षेत्रों को मजबूत करेगी।
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शारीरिक विकास: खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से।
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संज्ञानात्मक विकास: सोचने, समझने और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता।
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भाषा विकास: संवाद, कहानी-कथन और नए शब्दों को सीखने की कला।
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सामाजिक-भावनात्मक विकास: आपस में मिल-जुलकर रहने और सहभागिता की भावना।
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रचनात्मकता व सौंदर्यबोध: रंगों, चित्रों और कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए जिज्ञासा को बढ़ावा देना।
निपुण भारत मिशन को मिलेगी मजबूती-
विशेषज्ञों का मानना है कि ईसीसीई प्रशिक्षित शिक्षकों और इस बाल-अनुकूल सामग्री के संयोजन से न केवल ‘स्कूल रेडीनेस’ (स्कूल के लिए तैयारी) कार्यक्रम को बल मिलेगा, बल्कि यह कदम ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के लक्ष्यों को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा।
