वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- चुनावी धरातल मजबूत करने के लिए भाजपा अभियानों में भी अवसर बना लेती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर पार्टी 21 जून तक चलने वाले विशेष अभियान में राजनीतिक समीकरणों को साधती नजर आएगी।
जनप्रतिनिधियों को बुद्धिजीवी सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी के लिए कहा गया है। इस बहाने पार्टी समाज में असर रखने वाले वर्ग से जुड़कर ‘विकास एवं सुशासन’ का नैरेटिव खड़ा करने में जुटेगी, वहीं जनमानस में तैरते चुनावी तरंग का भी पता चलेगा।
बता दें कि सर्वे में कई जनप्रतिनिधियों की रिपोर्ट संंताेषजनक न मिलने से पार्टी की चिंता बढ़ी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली में कोर कमेटी के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर विशेष अभियान को लेकर चर्चा की।
आठ से 14 जून के बीच सभी केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं और राष्ट्रीय पदाधिकारियों को बुद्धिजीवियों हर जिले में बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कर चुनावी वातावरण समझने का लक्ष्य दिया गया है। पार्टी पढ़े लिखे और सामाजिक रूप से प्रभाव रखने वाले वर्ग के बीच अपनी पकड़ बढ़ाएगी।
जनप्रतिनिधियों को 50 बुद्धिजीवियों की सूची पार्टी को देनी है। प्रत्येक जिले में ऐसे पांच सौ लोगों को सूचीबद्ध करने का लक्ष्य है, जिन्होंने संबंधित क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करते हुए नाम कमाया हो।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि मतदाताओें के बीच बुद्धिजीवी वर्ग के असर को देखते हुए पार्टी इस विजन को आगे बढ़ाएगी। भाजपा विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत मतदाताओं के घरों तक पहुंचेगी।
सभी जनप्रतिनिधि पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, प्रगति पथ यात्रा और योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर सामाजिक संदेश देने के साथ ही अपने संपर्कों को नई ताकत देंगे।
