वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- प्रदेश की राजकीय, पीपीपी मॉडल और निजी आईटीआई में प्रवेश के दौरान आरक्षण और विशेष वरीयता की व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।
शासन द्वारा जारी व्यवस्था के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था भी प्रभावी रहेगी।
राजकीय आईटीआई और राजकीय आईटीआई-पीपीपी संस्थानों में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमशीलता विभाग के नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पुत्र, पुत्री, पति या पत्नी को प्रवेश प्रक्रिया में विशेष वरीयता दी जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों के मेरिट अंकों में 10 अतिरिक्त अंक जोड़े जाएंगे।
राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को भी तीन अतिरिक्त अंक की वरीयता मिलेगी। इसके लिए संबंधित खिलाड़ी के पास मान्यता प्राप्त खेल संघ द्वारा जारी प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य होगा। उद्योगों द्वारा नामित कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी विशेष व्यवस्था जारी रहेगी।
राजकीय आईटीआई और भारत सरकार की सहायता प्राप्त पीपीपी योजना से संचालित आईटीआई में संस्थान प्रबंधन समिति (आईएमसी) कोटे की सीटों पर प्रवेश पूर्व निर्धारित शासनादेशों के अनुसार ही किया जाएगा।
इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उन अभ्यर्थियों को, जो एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आते हैं, 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह आरक्षण राज्य सरकार द्वारा जारी प्रविधानों के अनुसार लागू होगा।
