वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- उत्तर प्रदेश में तबादला नीति के तहत अंतिम तारीख 31 मई तक ही ट्रांसफर के बाद भी कई विभागों में बदलाव हुआ है। राज्य कर और वन विभाग के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग से ट्रांसफर को लेकर नया आदेश जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लाखों शिक्षकों के सामान्य अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर शासन ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए रोक लगा दी है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के तहत अब केवल विशेष, मानवीय और चिकित्सीय परिस्थितियों में ही शिक्षकों के स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। वर्ष 2026-27 की जनगणना में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का 31 मार्च 2027 तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के सामान्य अंतरजनपदीय तबादले भी नहीं होंगे।
दंपतियों को राहत देने का प्रावधान-
सरकार ने उन दंपतियों को भी राहत देने का प्रावधान किया है जो दोनों बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। ऐसे मामलों में शिक्षक-छात्र अनुपात (पीटीआर) को ध्यान में रखते हुए पति या पत्नी में से किसी एक का ट्रांसफर किया जा सकेगा, ताकि परिवार को एक स्थान पर रहने में सुविधा मिल सके। शासन के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई अन्य विशेष या कठिन परिस्थिति सामने आती है तो मुख्यमंत्री की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद स्थानांतरण पर विचार किया जा सकेगा। यानी सामान्य नियमों से बाहर के मामलों में आखिरी फैसला सरकार स्तर पर लिया जाएगा।
कुछ विशेष हालातों में शिक्षकों को राहत-
शासन ने कुछ विशेष हालातों में शिक्षकों को राहत दी है। इस आदेश के मुताबिक अगर शिक्षक, शिक्षिका, उनके पति-पत्नी या अविवाहित पुत्र अथवा पुत्री दिव्यांग हैं तो ऐसे मामलों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण किया जा सकेगा। इसी तरह शिक्षक या उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो भी तबादले की अनुमति मिल सकती है। डायलिसिस पर निर्भर मरीजों के मामलों को भी विशेष श्रेणी में रखा गया है।
शासन का मानना है कि शैक्षिक सत्र के दौरान बड़े पैमाने पर तबादलों से विद्यालयों में काम प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही आने वाले जनगणना कार्य को देखते हुए भी कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी वजह से सामान्य तबादलों पर रोक लगाते हुए केवल मानवीय और चिकित्सीय मामलों को प्राथमिकता दी गई है। इस फैसले से हजारों शिक्षकों की सामान्य तबादले की उम्मीदों को फिलहाल झटका लगा है, लेकिन गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पारिवारिक परिस्थितियों से जूझ रहे शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।
वन विभाग में 15 जून तक हो सकेंगे ट्रांसफर-
उत्तर प्रदेश सरकार ने वन विभाग में तबादलों की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून कर दी है। इससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबित स्थानांतरण मामलों का निस्तारण हो सकेगा। अधिकांश विभागों में स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 31 मई अंतिम तिथि निर्धारित थी, लेकिन राज्य कर विभाग के बाद अब वन विभाग को भी अतिरिक्त समय दिया गया है। नए आदेश के अनुसार वन विभाग में तबादले अब 15 जून तक किए जा सकेंगे। इससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबित स्थानांतरण मामलों का निस्तारण किया जा सकेगा।
