वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दानपात्र से चोरी की घटना को लेकर गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य विधान परिषद (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ट्रस्ट और मंदिर प्रबंधन में बदलाव की मांग की है। साथ ही सुझाव दिया कि नए ट्रस्ट के गठन में सबसे पहले प्रभु श्रीराम के वंशजों, राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों के परिवारों को भी जिम्मेदारी मिले। साथ ही मंदिर निर्माण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले या उसमें सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों व उनके परिवार के सदस्यों को भी ट्रस्ट का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
मंगलवार को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है और दानपात्र से चोरी की घटना ने पूरे देश को दुखी किया है। ऐसे में श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए ट्रस्ट की पूरी कार्यकारिणी और मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी पदाधिकारियों को बदलने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
पत्र में कहा कि दानपात्र से चोरी करने वालों ने केवल धन की चोरी नहीं की, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास को भी ठेस पहुंचाई है। यह घटना बताती है कि मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे लोग अपने दायित्व का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन नहीं कर सके।
यह भी कहा कि चोरी की जानकारी काफी पहले मिल जाने के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे संबंधित पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली और सत्यनिष्ठा पर सवाल उठते हैं।
एमएलसी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि दक्षिण भारत के कई मंदिरों में सैकड़ों वर्षों से इस तरह की चोरी की घटनाएं सामने नहीं आई हैं। इसलिए वहां की व्यवस्थाओं और प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उससे सीख लेने की जरूरत है।