वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में महिला रोजगार सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
प्रदेश में अब महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए महिला औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए महिला श्रमिक छात्रावास बनाए जाएंगे, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में क्रेच और पालना घरों का विस्तार किया जाएगा ताकि महिलाएं परिवार और रोजगार दोनों जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकें।
प्रदेश में महिला श्रम बल सहभागिता दर (एफएलएफपीआर) वर्ष 2017-18 के करीब 14 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में लगभग 36 प्रतिशत पहुंच गई है। अब सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे 45 से 50 प्रतिशत तक ले जाना है। इसके लिए वर्ष 2026 से 2030 तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
सरकार महिलाओं के लिए वर्क फ्राम होम और लचीले रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगी। विनिर्माण क्षेत्र में महिला अप्रेंटिसशिप का विस्तार किया जाएगा, जिससे अधिक महिलाएं तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ सकें। महिलाओं की रोजगार भागीदारी की नियमित निगरानी के लिए जिला स्तर पर एफएलएफपीआर डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश महिला रोजगार सूचकांक (वूमेन एम्प्लायमेंट इंडेक्स) तैयार किया जाएगा।

प्रदेश में वर्तमान में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा महिलाएं आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों में लगभग 53 प्रतिशत महिलाएं हैं। निर्माण श्रमिकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 34.65 प्रतिशत है, जबकि मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 42 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से आने वाले वर्षों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।
इन क्षेत्रों में बढ़े महिलाओं के रोजगार के अवसर-
प्रदेश में महिलाओं के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी), इलेक्ट्रानिक्स निर्माण, परिधान व वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, वेयरहाउस, लाजिस्टिक्स और ई-कामर्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। महिलाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण श्रम एवं सेवायोजन विभाग की ओर से संचालित किया जा रहा है।