UP Police के निलंबित सिपाही सुनील शुक्ल की मां का छलका दर्द, बेटे को ईमानदारी की सजा मत दो

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-UP Police के निलंबित सिपाही सुनील शुक्ल की मां का छलका दर्द, बेटे को ईमानदारी की सजा मत दो

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लखनऊ- लखनऊ कमिश्नरेट की पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही सुनील शुक्ल ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके मोर्चा खोला तो उनके कृत्य को विभागीय नियमों की अनदेखी और पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित करने वाला माना गया।

अमेठी में गौरीगंज के रामसेवक पुरवा गांव के शुक्ल पर है कि उन्होंने वायरल वीडियो के जरिए पुलिसकर्मियों के बीच असंतोष का माहौल बनाने की कोशिश की गई। विभाग का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक मंच पर बयानबाजी और आंतरिक मामलों को सोशल मीडिया के जरिए उठाना संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ है। उनको सोशल मीडिया पर कई वीडियो अपलोड करने का आरोप में बीते सप्ताह निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

शुक्ल की मां का दर्द छलक गया

इस सजा के खिलाफ सिपाही सुनील शुक्ल की मां श्यामा शुक्ला का दर्द छलक गया है। सिपाही की मां ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि आधी रात घर पर पुलिस पहुंच रही है, अब तो रात भर दबिश भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का दबाने का प्रयास है। गांव में पुलिस के बार-बार आने से बूढ़ी बीमार और विधवा मां परेशान और भयग्रस्त हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से रो-रोकर न्याय की गुहार लगाते हुए जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बेटे का निलंबन वापस करने की भी मांग की।
श्यामा शुक्ला रो-रोकर कर कहती हैं मुख्यमंत्री जी मेरी बात सुनी जाए, बेटे को बहाल किया जाए। भ्रष्टाचार बंद किया जाए। जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि सुनील के पिता हरिकरन शुक्ल को पांच वर्ष पूर्व कैंसर हो गया। उस समय इलाज के लिए उन्हें मुंबई ले जाया गया था। ऐसी स्थिति में भी सुनील को छुट्टी नहीं मिल पा रही थी। करीब तीन वर्ष पूर्व पति का इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी भी तबीयत खराब रहती है, लेकिन सुनील की ड्यूटी होने से इलाज में दिक्कत आती है। कहा कि एक दिन रात में करीब 1.00 बजे पुलिस घर पर आई और नोटिस देने की बात कही। उस समय उनकी तबीयत यह सब देख और खराब हो गई। इसके बाद फिर पुलिस उनके दरवाजे पर आई। आरोप लगाया कि बेटे के साथ जो हो रहा था, उसने सिर्फ अपनी और दूसरों की परेशानियां व्याप्त भ्रष्टाचार को ही उजागर किया। इसके अलावा बेटे ने कोई चोरी व गलत काम तो नहीं किया। उनके बेटे संग पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है, जो गलत है।

ना बंगला बनाया…, ना काली कमाई की…

मां ने कहा कि मेरे बेटे ने “ना बंगला बनाया…, ना काली कमाई की… बस रिश्वत लेने से मना कर दिया। अब वही उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही सस्पेंड है… और उसका परिवार रात-रातभर पुलिस दबिश का डर झेल रहा है।
सुनील शुक्ला की मां कैमरे पर रो पड़ीं।
कहती हैं —
“हमने बेटे को सिखाया था कि भूखे रह लेना,
लेकिन गलत पैसा मत लेना…”
परिवार का आरोप है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद आधी रात घर पर पुलिस पहुंची तो बीमार मां का बीपी बढ़ गया और पूरा परिवार दहशत में आ गया। सबसे ज्यादा लोगों को यह बात झकझोर रही है कि जिस घर में आज तक रिश्वत का ₹एक नया नहीं आया, उसी घर को आज प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
सुनील के पिता होमगार्ड थे… और बहन भी नौकरी कर रही है…। गांव का साधारण परिवार सिर्फ इतनी मांग कर रहा है कि ईमानदारी की सजा मत दो। सुनील शुक्ला का मामला अब सिर्फ एक सस्पेंशन नहीं रहा…, ये उस सिस्टम पर बड़ा सवाल बन चुका है, जहां भ्रष्टाचार पर बोलने वाला ही निशाने पर आ जाता है।
मां ने कहा कि “अगर सच बोलना गुनाह है… तो फिर ईमानदार बचेगा कौन। अमेठी में निलंबित सिपाही सुनील की मां बोलीं-जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस विभाग में हलचल तेज

लखनऊ कमिश्नरेट और प्रदेश की अन्य रिजर्व पुलिस लाइंस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के निलंबन ने पुलिस विभाग में हलचल तेज कर दी है। एक ओर जहां सिपाही ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं विभाग ने इसे अनुशासनहीनता, नियमों की अनदेखी और सोशल मीडिया के जरिए विभागीय छवि धूमिल करने का मामला मानते हुए सख्त कार्रवाई की है।

निलंबन के दौरान पुलिस लाइंस से संबद्ध

निलंबन अवधि के दौरान सिपाही सुनील कुमार शुक्ल को लखनऊ पुलिस लाइंस से ही संबद्ध किया गया है। इसका मतलब है कि वह विभागीय नियंत्रण में रहेंगे, जबकि आगे की प्रशासनिक और जांच संबंधी प्रक्रिया जारी रहेगी।

वीडियो वायरल कर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप

लखनऊ पुलिस लाइंस में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला 20 दिनों की छुट्टी पर गए थे। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल किए, जिनमें लखनऊ कमिश्नरेट के साथ-साथ प्रदेश की अन्य रिजर्व पुलिस लाइंस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में मामला चर्चा का विषय बन गया और प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी। सुनील कुमार शुक्ला की पत्नी रायबरेली पुलिस में तैनात हैं। छुट्टी के दौरान वायरल हुए इन वीडियो ने विभागीय स्तर पर गंभीर प्रतिक्रिया पैदा की।

विभागीय जांच, बनी तीन सदस्यीय टीम

एडीसीपी पश्चिम के नेतृत्व में मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय टीम को जांच सौंपी गई। जांच टीम ने सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के बयान भी दर्ज किए और वायरल वीडियो से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। सुनील कुमार शुक्ल ने विभागीय जांच प्रक्रिया पर भरोसा न जताते हुए मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की थी। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच बाहरी स्तर पर होनी चाहिए।

पहली पोस्टिंग अंबेडकरनगर में

आरक्षी सुनील शुक्ल वर्ष 2015 में पुलिस में भर्ती हुए थे। पहली पोस्टिंग अंबेडकरनगर के थाना आलापुर में हुई थी। उनका 2022 में स्थानांतरण लखनऊ में हुआ और इसके बाद से लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात हैं। निलंबन की अवधि में उन्हें पुलिस लाइंस में ही संबद्ध किया गया है। सुनील ने 7 मई से 19 मई के बीच सोशल मीडिया पर लगातार छह वीडियो जारी कर खुद को प्रताड़ित किए जाने, विभागीय भ्रष्टाचार और सिस्टम की खामियों के आरोप लगाए थे।

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