लखनऊ में ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के बदले नियम, अत्याधुनिक टेस्टिंग ट्रैक करना होगा पार

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-

लखनऊ- यदि आपके ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की अवधि पूरी हो गई है और उसका नवीनीकरण नहीं कराया है तो लाइसेंस बनवाने के लिए फिर टेस्ट देना पड़ सकता है।

राजधानी में आटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) संचालन को राज्य सड़क परिवहन प्राधिकरण से मंजूरी मिल गई है। इसी माह के अंत तक केंद्र शुरू होगा, जहां सेंसर व कैमरों की कड़ी निगरानी में टेस्ट होगा। 3.25 मिनट में अत्याधुनिक टेस्टिंग ट्रैक पार न करने वालों का डीएल नवीनीकरण लटक सकता है।

राजधानी में जुगाड़ से परमानेंट डीएल बनवाने की परिपाटी बदलने जा रही। कुछ ही दिनों में परमानेंट डीएल का आनलाइन स्लाट बुक कराने वालों को पहले ट्रांसपोर्ट नगर या देवा रोड एआरटीओ कार्यालय जाना होगा।

आवेदन पत्र की स्क्रूटनी और बायोमीट्रिक कराने के बाद आवेदक को उदेतखेड़ा मौंदा की राह पकड़नी होगी, जहां केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की गाइडलाइन पर आटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बना है। ट्रांसपोर्ट नगर से नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया होकर 12 व कानपुर रोड किसान पथ से 20 किलोमीटर की दूरी पर नया केंद्र है।

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लर्निंग लाइसेंस अब तभी परमानेंट होगा, जब आवेदक वाहन चलाने का टेस्ट देगा यानि लर्निंग लाइसेंस के हर धारक को यह टेस्ट देना होगा। पहली बार परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस 40 वर्ष की आयु तक के लिए बनता है।

इसे ऐसे समझिए कि डीएल आवेदक की आयु 25 वर्ष है तो 15 वर्ष के लिए यदि 30 वर्ष है तो 10 वर्ष के लिए डीएल जारी होता है, उसके बाद हर पांच साल पर उसका नवीनीकरण होता है।

मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, डीएल एक्सपायर होने की तय तारीख से एक साल तक आवेदक को टेस्ट नहीं देना पड़ता है, जबकि डीएल एक्सपायर होने के एक साल बाद टेस्ट देकर ही डीएल बन सकेगा। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सभी को अत्याधुनिक ट्रैक पर टेस्ट देना होगा।

पहले सिम्युलेटर फिर ट्रैक पर टेस्ट-

कार या ट्रक का डीएल चाहते हैं तो केंद्र पर सिम्युलेटर पर पांच मिनट का प्रशिक्षण मिलेगा। इसे सफलतापूर्वक चला लेने पर आवेदक को संबंधित वाहन के आटोमेटिक ट्रैक पर जाना होगा। ट्रैक पर प्रवेश के लिए सेंसर गेट और चार पहिया व ट्रक के लिए ट्रैक एक साथ बना है, वहीं दोपहिया का अलग है।

दोपहिया, चार पहिया व ट्रक के डीएल आवेदक को यह ट्रैक पार करना होगा। कार की पैरलल पार्किंग, ग्रेडिएंट यानि चढ़ाई व रिवर्स करने के लिए 45-45 सेकेंड का समय मिलेगा।

पूरे ट्रैक पर जगह-जगह सेंसर व ऊंचाई पर कैमरे लगे हैं। आवेदकों को तीन से चार मिनट में वाहन ट्रैक से पार कराना है। गलती पर सेंसर बीप करेगा व कैमरे में गड़बड़ी कैद होगी। ऐसे लोगों का डीएल नहीं बनेगा।

अभी तक मैनुअल हो रहा था टेस्ट-

ट्रांसपोर्ट नगर व देवा रोड पर अभी तक डीएल आवेदकों का मैनुअल टेस्ट हो रहा था, इसमें नियमों की अनदेखी होने की शिकायतें रही हैं।

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