वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
अयोध्या- राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अनुकल्प मिश्र मंदिर के दान पात्रों से पार की गई रकम से अपने गांव के पास 20 बीघा जमीन खरीदने की तैयारी कर रहा था।
जमीन का सौदा करीब दो करोड़ रुपये में तय था, लेकिन इसी दौरान चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
यही नहीं, अनुकल्प एक स्कॉर्पियो भी लेने की तैयारी में था और शोरूम संचालक को जल्द बुकिंग कराने के लिए कहा था। दो माह पहले ही उसने स्विफ्ट डिजायर कार भी खरीदी थी।
अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्र से पूछताछ के दौरान यह सब जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। अंबेडकरनगर में कुछ अचल संपत्तियों का पता चला है।

पूछताछ में पुलिस को मिली जानकारी-
अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्र से पूछताछ के दौरान यह सब जानकारी पुलिस के हाथ लगी है। अंबेडकरनगर में कुछ अचल संपत्तियों का पता चला है।
मिल्कीपुर के बसावां गांव का मूल निवासी अनुकल्प मिश्र वैसे तो शहर के कौशलपुरी में लगभग डेढ़ वर्ष से रहने लगा था, लेकिन गांव में उसका आना जाना लगा रहता। जब उसके गांव के समीप ही 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण होने लगा तो उसने हाईवे किनारे भी जमीन में निवेश की इच्छा जताते हुए लोगों से जमीन खरीदने के लिए संपर्क किया।
अप्रैल में कराई थी भागवत कथा
अप्रैल में गांव में जब उसने भागवत कथा कराई तो उस दौरान कई प्रॉपर्टी डीलर जमीन बेचने के लिए उससे मिलने आए। अनुकल्प एक स्थान पर ही 20 बीघा जमीन लेना चाह रहा था। इस वजह से समय लग रहा था।
परिक्रमा मार्ग के पास ले रहा था जमीन
उसने एक प्रॉपर्टी डीलर से कहा था कि पैसा चाहे जितना लग जाए जमीन परिक्रमा मार्ग के बगल ही हो। इसी बीच जून में चढ़ावा चोरी का मामला उजागर हो गया और उससे पहले ट्रस्ट की आंतरिक जांच, फिर एसआइटी जांच के दौरान पूछताछ होने लगी।
बाद में प्राथमिकी दर्ज होने पर वह जेल भेज दिया गया। अनुकल्प की तरह ही अन्य आरोपितों ने भी इसी तरह चढ़ावा चोरी कर प्रापर्टी और वाहन खरीदे हैं।