वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
कानपुर- दवा कारोबारी विपिन मिनोचा की शनिवार रात चाकू से गोदकर हत्या के मामले में चौंकाने वाला राजफाश हुआ है। कारोबारी की बहू शालू ने ही पुराने नौकर विशाल गौतम को छह लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई।
पुलिस ने रविवार को दोनों हत्यारोपितों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया और आरोपित बहू को भी पकड़ा। सोमवार को तीनों को जेल भेजा गया। जांच में सामने आया कि शालू की निगाह ससुर की संपत्ति पर थी। उसने नौकर से कहा था कि अगर पकड़े जाना तो उसके पति सुब्रत का नाम बताना।

हत्यारोपित ने बताया कि पहले कारोबारी के सोने के बाद तकिया से मुंह व नाक दबाकर हत्या करने की तैयारी थी, जिससे हत्या को हार्ट अटैक दर्शाया जा सके। जब घटना की रात वह और उसका साथी कारोबारी के बेटे सुब्रत के बेडरूम में छिपे थे, तभी कारोबारी आए और लाइट जलाने के लिए स्विच ऑन कर दिया।
चाकू से वार कर हत्या की थी-
पहचाने जाने के डर से साथी राजकिशोर ने उनके हाथ पकड़े व उसने चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। 15 दिन पहले शालू ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर दी थी, ताकि आसानी से वे लोग फ्लैट में पहुंच सकें। हत्या की साजिश रचने वाली बहू शालू मूलरूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली है।
आरोपितों को रविवार को दो लाख व 15 दिन बाद बाकी रुपये देना 20 दिन पहले तय हुआ था। शालू ने बताया कि पति सुब्रत परिवार के इकलौते बेटे हैं, लेकिन ससुर उन्हें अन्य कर्मियों तरह ही डांटते व 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देते थे। उसे भी 10 हजार रुपये घर खर्च के देते थे, जिसका हिसाब लेते थे।
नौकर को दी थी 6 लाख में सुपारी-
घर में उसकी गतिविधियां देखने को कैमरे लगवा स्वतंत्रता तक छीन रखी थी। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शालू ने गार्ड से कहा था कि विशाल आए तो उसकी इंट्री रजिस्टर में नहीं करना, इससे ही भेद खुला।
सीसी फुटेज में दो युवकों के आने-जाने की बात सामने आने के बाद बहू शालू ने ससुर की दुकान में छह साल पहले काम करने वाले विशाल को पहचाना था। पुलिस का अनुसंधान बढ़ा तो सच सामने आ गया। कारोबारी के बेटे सुब्रत की संलिप्तता समेत अन्य बिंदु भी पुलिस परख रही है।