वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अपने आदेश का सात माह तक पालन नहीं किए जाने पर राज्य सरकार पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने यह राशि अगली सुनवाई तक जमा करने का निर्देश दिया है।
साथ ही शैक्षिक संस्थानों को मान्यता देने वाली समिति के अध्यक्ष व विशेष सचिव को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश उदय प्रताप सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

याचिका में सुलतानपुर के लंभुआ में एक ही भूखंड पर चार विद्यालय संचालित होने का मामला उठाया गया है। अदालत ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को कार्रवाई का ब्यौरा मांगा गया था, लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं हुआ। मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।