वॉयस ऑफ ए टू जेड
लखनऊ- प्रदेश में श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का बड़ा लाभ देने की तैयारी है। प्रदेश सरकार सोशल सिक्योरिटी कोड की नियमावली इस माह जारी कर सकती है।
नियम लागू होने के बाद प्रवासी श्रमिकों को देश में कहीं भी राशन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों, गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा।
श्रम विभाग की नियमावली के प्रारूप पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद इसे अधिसूचित कर लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों का पंजीकरण डिजिटल प्लेटफार्म पर किया जाएगा।
राशन कार्ड और श्रमिक पहचान से जुड़े डाटा को विभिन्न राज्यों की प्रणालियों से जोड़ा जाएगा। इससे प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्य में काम करते हुए भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसी तरह आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अस्पतालों में उन्हें इलाज की सुविधा मिलेगी।

नियमावली के तहत अनुबंध (फिक्स्ड टर्म) पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे। उन्हें सेवा अवधि के अनुसार आनुपातिक ग्रेच्युटी का अधिकार होगा।
महिला कर्मचारियों को 26 सप्ताह का सवैतनिक मातृत्व अवकाश और मेडिकल बोनस की सुविधा दी जाएगी। वहीं, किसी श्रमिक की छंटनी होने पर उसके पुनर्वास और नए रोजगार के लिए री-स्किलिंग फंड बनाया जाएगा।
इसके लिए नियोक्ता को संबंधित कर्मचारी के 15 दिन के वेतन के बराबर राशि फंड में जमा करनी होगी, जिससे उसे नया कौशल प्रशिक्षण मिल सके। नियमावली में पहली बार आनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर, कैब चालक समेत गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने का प्रविधान किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे श्रमिकों को रोजगार संबंधी अनिश्चितताओं से राहत मिलेगी और उनकी सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।