वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-
बाराबंकी- बुलंद हौसले व अपने हुनर के बूते प्रदेश के 245 युवाओं ने रोजगार के लिए युद्ध के बीच काम करने की सहमति दी है। ये युवा इजरायल जाकर काम करने की तैयारी में हैं।
चयनित कामगारों में सर्वाधिक 36 युवाओं का सीएमओ कार्यालय व जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण पूरा हो चुका है। पुलिस सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश भर से 10 हजार आवेदकों में से साढ़े छह हजार युवा इजरायल अलीगंज आइटीआइ में प्रशिक्षण के बाद विदेश भेजा गया था, तब से यह प्रक्रिया चल रही है।
इजरायल में प्लास्टिंग, टाइल्स व मेसनरी में भारतीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। जंग से बेखौफ युवा वहां जाने के लिए तत्पर हैं।
अंबेडकरनगर के सात, अमेठी का एक, अयोध्या के पांच, आजमगढ़ के 25, बलिया के नौ, बलरामपुर का एक, बस्ती के 13, बहराइच के सात, देवरिया के नौ, सीतापुर के 10, संतकबीरनगर के नौ, मऊ के 32 सहित अन्य जिलों के युवा इजरायल के लिए चयनित किए गए हैं। सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कंपनी एनएसडीसी दिल्ली से वीजा उपलब्ध कराया जाएगा।

डर से अधिक जिम्मेदारी का बोझ-
युवाओं के चेहरों पर डर से कहीं ज्यादा परिवार की जिम्मेदारी का भाव है। कहते हैं कि हालात चाहे जैसे हों, घर चलाने के लिए कमाना जरूरी है। देवा के राज मिस्त्री गोविंद सिंह ने बताया कि भारत व इजरायल सरकार पर सुरक्षा का भरोसा है। गांव के 20 लोग पहले से इजरायल में हैं।
टिकैतगंज के श्रमिक आनंद सिंह इजरायल में हुनर से अधिक पैसा कमाने जा रहे है। टाइलिंग में दक्ष रामनगर के दिलीप कहते वहां सब ठीक है। टिकैतगंज के बब्लू सिंह के दोस्त वहां हैं, उनके साथ रहकर काम करने को उत्साहित हैं।
जिला सेवायोजन अधिकारी धर्मेंद्र मौर्य ने बताया कि इजरायल के लिए चयनित जिले के 36 युवाओं की चिकित्सीय जांच व पुलिस सत्यापन हो रहा है। सत्यापन के बाद दस्तावेज निदेशालय भेजा जाएगा। वहां से आगे की कार्रवाई होगी। दिल्ली की एक निजी कंपनी युवाओं को इजरायल में रोजगार उपलब्ध कराती है।