वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-
बाराबंकी- लखनऊ सीमा पर स्थित शालीमार पैराडाइज के विला से हुई जिले की सबसे बड़ी चोरी का पुलिस ने पटाक्षेप हो गया। यह चोरी 24 अप्रैल की रात पड़ोस में रहने वाले सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर कस्टम सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अधिकारी के पुत्र ने अपने रिश्तेदार के साथ की थी।
पूरे मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार प्रयागराज और एक आजमगढ़ के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से करीब 80 प्रतिशत जेवरात सहित लाइसेंसी पिस्टल बरामद कर ली है।
देवरिया के मूल निवासी ठेकेदार अजय सिंह बघेल कोतवाली नगर के सफेदाबाद स्थित शालीमार पैराडाइज के एक विला सी-फाइव में किराए पर रहते हैं। वह 19 अप्रैल को गोरखपुर गए थे, जहां से 30 अप्रैल को लौटे तो बेडरूम की अलमारी व लॉकर से करीब 10 करोड़ के जेवरात, 70 हजार रुपये और लाइसेंस पिस्टल गायब थी।

चोरी का राजफाश पुलिस अधीक्षक ने गुरुवार को कर दिया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पुलिस ने इस वारदात में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें प्रयागराज के दारागंज आलोपी निवासी आदित्य नारायण सिंह का पुत्र आकर्ष सिंह उर्फ यश, प्रयागराज के जार्जटाऊन अल्लापुर निवासी ऋत्विक यादव, चक बताशा मंडी निवासी ऋषि कुमार सोनी, झूंसी त्रिवेणीपुरम निवासी अनुराग कथूरिया और आजमगढ़ के अहरौला निवासी पृथ्वी प्रताप सिंह उर्फ ओम शामिल हैं।
मुख्याराेपित आकर्ष परिवार के साथ पड़ोस के विला में किराए पर रहता है, जबकि पृथ्वी लखनऊ में रहकर फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा है। आकर्ष का मित्र अनुराग प्रयागराज में रेडीमेड शर्ट का काम करता है, जिसने सराफा व्यापारी ऋत्विक व ऋषि से मिलवाया था।
यह हुई बरामदगी-
एसपी ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से करीब 80 प्रतिशत जेवरात (50 आईटम), बेचे गए जेवरात की रकम में से 14.85 लाख रुपये सहित चोरी गई पिस्टल भी बरामद कर ली है, जबकि खाते में जमा किए गए पांच लाख रुपये फ्रिज करा दिए गए हैं। भुक्तभोगी अजय सिंह ने बताया चोरी के गए जेवरात का 80 प्रतिशत से अधिक बरामदगी हो गई है।
इसलिए और ऐसे की चोरी-
आकर्ष ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टा खेलता है, जिसमें उसको करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ था। दोनों विला आमने सामने थे और अजय के बेडरूम की सारी गतिविधियां दिखने के कारण आकर्ष को पता था कि उसी कमरे में जेवरात व नकदी है।
24 अप्रैल की रात वह बाल्कनी से उनके घर में घुसा और चोरी की। एक दिन पहले 23 अप्रैल को भी उसने असफल प्रयास किया था। पृथ्वी संग चोरी कर जेवरात प्रयागराज निवासी अनुराग के घर ले जाकर रखा, जिसने सराफ ऋत्विक व ऋषि से मिलाकर जेवरात बिकवाए थे।