वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- बीबीडी क्षेत्र में मंगलवार को बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र 18 वर्षीय आदर्श मिश्रा तुषार ने फंदे से लटककर जान दे दी। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था..अपने मां-पिता को परेशान नहीं करना चाहता हूं। अपनी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं। पुलिस ने मोबाइल और लैपटॉप भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
आदर्श मूलरूप से संत कबीर नगर के महेरवा का रहने वाला था। उसके पिता प्रमोद मिश्रा बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन हैं। परिवार में मां शीला, तीन बेटियां और इकलौता बेटा आदर्श था। आदर्श गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और बीबीडी क्षेत्र में कमरा लेकर रहता था।

ताऊ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक मंगलवार सुबह आदर्श ने माता-पिता से फोन पर बात की थी। दोपहर में पुलिस और उसके दोस्तों ने फोन कर तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। परिवार लखनऊ के लिए रवाना हो गया।
शाम को कमरे पर पहुंचने पर पता चला कि आदर्श अस्पताल में भर्ती है। वहां पहुंचने पर उसकी मौत की जानकारी मिली। कमरे से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। पुलिस मोबाइल और लैपटॉप से भी छात्र की गतिविधियों और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
घरवालों से हुई थी कोई बात-
इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह ने बताया कि दो दिन पहले घर से लौटा था। सुसाइड नोट में घर वालों से कोई बातचीत हुई थी, जिसका जिक्र नहीं किया। बस यह लिखा कि उसके मां-पिता बहुत अच्छे हैं। उनको परेशान नहीं करना चाहता हूं। मौत की जिम्मेदार वह खुद है।
ताऊ ने बताया कि शनिवार को घर में रुद्राभिषेक था, इसलिए आदर्श घर आया था। रविवार को पिता उसे बस पर बैठाकर लखनऊ के लिए रवाना कर आए थे। परिवार को क्या पता था कि वह दोबारा घर नहीं लौटेगा।