वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- कम वर्षा से फसलों के नुकसान को रोकने के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सिंचाईं के स्रोतों के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि जहां वर्षा की कमी है, वहां नहरों, पंप कैनालों व अन्य सिंचाई स्रोतों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।
नहरों का संचालन प्रभावी ढंग से हो, जिससे पानी की उपलब्धता में कोई बाधा न आए। उन्होंने मौसम की परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
सोमवार को विधान सभा स्थित समिति कक्ष में आयोजित बैठक में मंत्री ने वर्षा की स्थिति, खरीफ फसलों की प्रगति व सिंचाई व्यवस्था की जानकारी ली।
मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक कई हिस्सों में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, जबकि 17-18 जुलाई के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश से मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत हैं।
कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम संबंधी प्रत्येक अपडेट तत्काल कृषि विभाग व जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को समय रहते सलाह दी जा सके। कम वर्षा वाले जिलों में विशेष निगरानी रखें और सिंचाई विभाग के साथ समन्वय बनाकर किसानों तक समय पर पानी पहुंचाया जाए।
सभी जिलों में धान सहित खरीफ फसलों की बोआई व रोपाई में तेजी लाई जाए। वर्षा की स्थिति के अनुसार वैकल्पिक फसल और कृषि प्रबंधन संबंधी सलाह भी किसानों तक पहुंचाई जाए। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन व खेतों में नमी बनाए रखने के उपायों को प्राथमिकता दी जाए।
