वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल की वसूली का काम अभी तीन माह तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) देखेगा। मंगलवार 14 जुलाई की सुबह आठ बजे से ही एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लोगों से टोल लेने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
लखनऊ से ग्रीन फील्ड पर चढ़ते ही सबसे पहला टोल शिवपुरा (खांडेदव) पड़ेगा और कानपुर से लखनऊ आने पर सबसे पहला टोल आजाद चौक होगा। एक्सप्रेसवे (एनई छह) पर 275 रुपये कार का टोल लिया जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि शुरुआती तीन माह टोल संचालन के बाद टोल टेंडर की प्रकिया अपनाई जाएगी। शुरुआत तीन सालों तक टोल निजी हाथों में दिया जाएगा। हर साल लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर भी टोल की दरें बढ़ेंगी।
वर्मा ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पांच टोल के स्थान पर चार कर दिए हैं। लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों को पहला टोल मिरनपुर पिनवट नहीं, बल्कि शिवपुरा (खांडेदव) पर देना होगा। बनी तक यात्रा करने वालों को टोल नहीं देना होगा। मिरनपुर पिनवट टोल फिलहाल बिना बैरियर के होगा।
भविष्य में आउटर रिंग रोड पर अगर टोल लिया जाएगा तो उसका प्रयोग तब होगा। एक्सप्रेसवे का दूसरा टोल बनी के पास होगा। तीसरा टोल अमरसस गांव के पास और चौथा टोल आजाद चौक के पास बनाया गया है।
लखनऊ से कानपुर के बीच पहले से संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 27) पर भी टोल की दरें बढ़नी तय मानी जा रही हैं। उनके मुताबिक टोल बढ़ोत्तरी को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को पत्र भेजा जा चुका है, क्योंकि दारोगा खेड़ा तक छह लेन पर एनएच 27 से यात्रा करने वाले यात्री भी सफर कर सकेंगे, इसलिए टोल दरें अप्रैल 2026 के बाद फिर बढ़ने जा रही हैं।
टोल की दरें कुछ इसी तरह ली जाएंगी-
वाहन सिंगल जर्नी उसी दिन यानी 24 घंटे में लौटने पर टोल
कार, जीप, एसयूवी : 275 रुपये, 415 रुपये
हल्के कमर्शियल वाहन: 445 रुपये. 670 रुपये
बस और ट्रक: 935 रुपये 1405 रुपये
भारी वाहन : 1020 रुपये, 1530 रुपये
नोट – यह सूची एनएचएआई ने उपलब्ध कराई है। वहीं वार्षिक फास्टैग वाले यात्रियों के वाहनों से मात्र 16 रुपये के आसपास टोल कटेगा। 3075 रुपये में वार्षिक फास्टैग वाले यात्री दो सौ ट्रिप एक साल में प्रयोग कर सकते हैं।
