योगी सरकार ने दी बड़ी राहत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब पोस्टपेड मोड में ही आएगा बिल

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- योगी सरकार ने दी बड़ी राहत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब पोस्टपेड मोड में ही आएगा बिल वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- योगी सरकार ने दी बड़ी राहत: स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब पोस्टपेड मोड में ही आएगा बिल
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वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-

 लखनऊ- तकनीकी खामियों के चलते स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर महीनों से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने बिजली कनेक्शन में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।

अब पहले की तरह सभी बिजली कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही रहेंगे। ऐसे में उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति किसी भी महीने में उपभोग की गई बिजली के बिल का भुगतान अगले महीने करने की सुविधा रहेगी।

नए कनेक्शन तो अब पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के माध्यम से दिए ही जाएंगे, पिछले वर्ष से अब तक प्रीपेड मोड में किए गए 75 लाख से अधिक बिजली कनेक्शन भी फिर से पोस्टपेड मोड में किए जाएंगे।

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प्रीपेड मोड में तकनीकी दिक्कतों से परेशान उपभोक्ताओं को सरकार ने दी बड़ी राहत

पुराने मीटर को भी स्मार्ट प्रीपेड मोड में बदलने का कार्य स्थगित रहेगा। बकाएदार बिजली उपभोक्ताओं को 10 किश्तों में बिल के भुगतान की सुविधा भी मिलेगी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को रिचार्ज कराए जाने के बाद भी घंटों बिजली का कनेक्शन स्वतः न जुड़ने, अप्रत्याशित तौर पर ज्यादा लोड और अधिक बिजली का बिल आने से प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं में आक्रोश था। आए दिन उपभोक्ताओं द्वारा बिजली कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन ऊर्जा मंत्री एके शर्मा सहित पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन स्मार्ट प्रीपेड मीटर में किसी तरह की खामियों को सदैव खारिज ही करते रहे।

हालांकि, स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर चुनावी वर्ष में जनता की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को दिए थे।

इस बीच उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर में तमाम तकनीकी खामियां गिनाते हुए विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की।

अंततः बैकफुट पर आते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार देर शाम एक्स पर ‘उपभोक्ता देवो भवः’ बताते हुए लिखा कि प्रीपेड जैसी व्यवस्था समाप्त की जा रही है। अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे।

जैसे पहले मासिक बिजली के बिल को जमा किया जाता रहा है वैसे ही उपभोक्ताओं को अब एक से 30 तारीख तक का बिल अगले दस दिन में एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। मंत्री ने उपभोक्ताओं का आह्वान किया कि अपने मोबाइल नंबर को कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज करा दें ताकि मैसेज मिल सके।

पुराने मीटरों को स्मार्ट-प्रीपेड मीटर से बदलने का कार्य स्थगित रहेगा। स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता पर होगा। शक्तिभवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को हिदायत दी कि उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्या से न जूझना पड़े।

किसी भी स्थिति में महीने के अंदर उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन न कटे। पिछला बकाया हो तो उपभोक्ताओं को 10 किश्तों में जमा करने की सुविधा दी जाए। प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने पर उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कानून का उल्लंघन किया है उन पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।

उल्लेखनीय है कि बिजली कनेक्शन में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को एक कमांड के जरिए किसी भी मोड में बदलने की सुविधा रहती है। जिस तरह से पोस्टपेड को प्रीपेड में किया गया उसी तरह से अब सरकार के निर्देश पर उन्हें प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलने लिए सिर्फ कमांड देना होगा। किसी मीटर को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।

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