वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-
लखनऊ- राजधानी को गोंडा, बहराइच और नेपाल तक से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बने संजय सेतु के मरम्मत मामले में हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है।
न्यायालय ने कहा है कि उक्त पुल अनिश्चित स्थिति में है, जिसके मरम्मत के संबंध में यह कोर्ट सुनवाई कर रही है, बावजूद इसके गोंडा, बाराबंकी व बहराइच के जिलाधिकारियों ने सरकारी वकील को कोई निर्देश नहीं दिया है।
न्यायालय ने कहा है कि अगली सुनवाई तक या तो समुचित जानकारी उपलब्ध करायी जाय अथवा तीनों जिलाधिकारी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हों। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने आशीष कुमार सिंह की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में घाघरा नदी पर बने संजय सेतु के मरम्मत की मांग की गई है।

भारी वाहनों को करना होगा डायवर्ट-
मामले पर जवाब देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से कहा गया कि मरम्मत के लिए ट्रैफिक रोके जाने की जरूरत है और इसके लिए पीपे का पुल बनाए जाने की सलाह राज्य सरकार की ओर से आई है जो सिर्फ हल्के वाहनों के लिए होगा, भारी वाहनों को डायवर्ट करना होगा।
एनएचएआइ की ओर से आगे कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से न तो अभी तक अनुमानित धनराशि ट्रांसफर करने के लिए बैंक अकाउंट नंबर उपलब्ध कराया गया है और न ही डायवर्जन के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाया गया है। वहीं सरकारी वकील ने न्यायालय को बताया कि उनके पास अभी तक कोई निर्देश नहीं आए हैं।