वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज-
लखनऊ- सीवर लाइन के मैनहोलों के बीच से गुजरे बिजली के केबल को अब हटाया जाएगा। रविवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीवर लाइन से गुजरे बिजली के केबल को हटाया जाए।
ऐसा होने से सीवर लाइन की सफाई करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। शहर में ऐसे 71 मैनहोल ऐसे हैं, जिसके बीच से होकर बिजली के केबल गुजरे हैं।
दरअसल शहर में ऐसे कई इलाके हैं जहां सीवर लाइन के बीच से ही बिजली के केबल डाल दिए गए थे। बिजली विभाग के ठेकेदारों ने मनमाने तरह भूमिगत केबल डालने में यह काम किया था लेकिन अधिकारी भी मौन बने रहे थे।
जलकल विभाग ने भी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें शहर में 71 जगहों पर बिजली के केबल मैनहोल से होकर गुजरे हैं। इससे सीवर लाइन की सफाई करने में तो परेशानी होती है तो असुरक्षा भी रहती है।
इसमें अशोक मार्ग पर श्रीराम टावर, मौलवीगंज, भूसामंडी हाथी खाना, छितवापुर पुलिस चौकी के पास, गणेशगंज, वसीरतगंज के पान वाली गली, सुंदरबाग के राजेश पंत वाली गली, यदुनाथ सान्याल वार्ड के बाबा होटल के पास, ताल कटोरा मालवीय नगर, सपना कॉलोनी, राजाजीपुरम के बी-172, बी-666, सेक्टर-13 मूर्ति वाली रोड पर सीवर में बिजली के केबल पाए गए हैं।
बिजली लाइन में फाल्ट होने पर सीवर लाइन में विस्फोट भी हो सकता है। सीवर में मीथेन गैस होती है, जो जहरीली होने के साथ ही ज्वलनशील भी है, जिससे आग भी लग सकती है।
बिजली विभाग ने की तैयारी-
लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि जहां भूमिगत केबल का रास्ता मिले रहा, वहां नया केबल डालकर हमेशा के लिए स्थायी समाधान किया जाएगा। वहीं जहां नहीं है तो उसके विकल्प को लेकर काम किया जाएगा।
गोमती नगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि सर्वे के बाद चरणबद्ध तरीके से यह काम किया जाएगा।
