वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-
लखनऊ- केंद्रीय बजट 2026 में सोलर, नवीकरणीय ऊर्जा, ई-मोबिलिटी में कस्टम ड्यूटी और आयात शुल्क में दी गई रियायतों से प्रदेश सस्ती और स्वच्छ बिजली की ओर तेजी से बढ़ेगा।
साथ ही स्वच्छ परिवहन और हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करेगा। इससे रूफटाप सोलर विस्तार, सोलर पैनल निर्माण, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा संतुलन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक साझा दिशा में आगे बढ़ेंगे।
बजट में सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल सोडियम एंटीमानेट को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है। इससे सोलर ग्लास, सोलर माड्यूल व पैनल की लागत घटेगी। इसका सीधा लाभ पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिलेगा।
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल कोबाल्ट पाउडर, बैटरी स्क्रैप, अन्य क्रिटिकल मिनरल्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का सबसे बड़ा लाभ ग्रिड-स्तरीय बैटरी स्टोरेज और पावर सिस्टम बैलेंसिंग को मिलेगा।

सोलर आधारित बिजली उत्पादन में दिन-रात और मौसम के अनुसार आने वाले उतार-चढ़ाव को बैटरी स्टोरेज के माध्यम से बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा। इससे प्रदेश की बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, भरोसेमंद और लागत-प्रभावी बनने की संभावना है।
बजट प्रावधानों के बाद नोएडा, लखनऊ, कानपुर, पूर्वांचल के औद्योगिक क्षेत्रों में नई सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के साथ-साथ ईवी कंपोनेंट्स, बैटरी पैक असेंबली और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इससे रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
बैटरी और क्रिटिकल मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट से इलेक्ट्रिक वाहनों की निर्माण लागत घटेगी। जिससे ईवी की कीमतें कम होंगी। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।