प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला?

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला? वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला?
वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला?

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-

लखनऊ- New Rules 1st April – 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू (New Rules FY27) होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश समेत देशभर में कई नए नियम लागू हो गए हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।

प्रदेश के हाईवे पर चलना अब महंगा होने वाला है। साथ ही प्रॉपर्टी रजिस्ट्री भी महंगी होने वाली है। स्कूलों में नया सेशन शुरू हो रहा है, दिन की शुरुआत अखबार पढ़ने से होगी।

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने कई ऐसे फैसले लागू किए हैं, जो लोगों के खर्च और बचत दोनों को प्रभावित करेंगे। इन बदलावों का आम आदमी की जेब पर सबसे ज्यादा असर होने वाला है। आइये जानते हैं आज से क्या-क्या बदला है?

वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला?
वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी-टोल टैक्स बढ़ा, नई आबकारी नीति लागू; यूपी में 1 अप्रैल से क्या-क्या बदला?

1- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री हुई महंगी-

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ प्रॉपर्टी रजिस्ट्री महंगी हो गई है। नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में बढ़े हुए सर्कल रेट लागू हो गए हैं। साथ ही स्थानीय निकाय विकास के लिए 2% अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी/सेस लगा सकते हैं, जिससे घर-जमीन खरीदना और महंगा हो गया है।

10 लाख रुपये तक की संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैन-आधार की अनिवार्यता खत्म की जाएगी। हालांकि, आधार न होने या फिर फिंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरे के कैप्चर न होने की दशा में परिवार के ही किसी सदस्य को पूरे ब्योरे के साथ अनिवार्य रूप से शपथ पत्र देना होगा।

2- टोल टैक्स में वृद्धि, 5 से 30 रुपये तक बढ़ा टोल टैक्स-

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआइ) एवं उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने नई रेट लिस्ट जारी कर दी है। नगद भुगतान बंद कर दिया गया है।

फास्टैग के जरिये या ऑनलाइन ही टोल टैक्स जमा करना होगा। हल्के वाहनों से यात्रा करने पर प्रत्येक टोल प्लाजा पर पांच से 10 रुपये टोल टैक्स बढ़ जाएगा। एक्सप्रेस वे की यात्रा में मिनी बस का टोल टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।

मासिक पास भी हुआ महंगा-

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण विभाग के मानकों के अनुरूप 0 से 20 किलोमीटर परिधि के अंतर्गत आने वाले नान कामर्शियल वाहन चालकों को वित्तीय वर्ष 2025 -26 के अनुसार 350 रुपये के मासिक पास के आधार पर छूट प्रदान की जाती थी। जो अब बढ़ाकर 360 रुपये प्रतिमाह की गई है।

3- ओला-उबर का रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य

अब प्रदेश में ओला और उबर जैसी कंपनियों को चार पहिया वाहनों के संचालन के लिए अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस लेना होगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए 25 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि लाइसेंस के लिए पांच लाख रुपये देने होंगे। एक बार लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी कितने भी वाहन संचालित कर सकेगी।

लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पांच हजार रुपये शुल्क तय किया गया है। इन एप पर वाहनों की फिटनेस, पुलिस सत्यापन, रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।

4- नई आबकारी नीति लागू-

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू हो रही है, जिससे देसी शराब महंगी हो गई है। 36% अल्कोहल वाली देसी शराब की बोतल ₹165 से बढ़कर ₹173 की होगी।

नई नीति में 100ml का ‘बच्चा’ मिनी पैक 50 रुपये में पेश किया गया है, साथ ही दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा।

साथ ही अंग्रेजी शराब यानी विदेशी या ब्रांडेड शराब की कीमतों में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। इसकी बोतलों पर 10 रुपये से 30 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।

5- नई एमएसपी पर गेहूं की खरीद-

एक अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया आरंभ होने जा रही है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 160 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल होगी।

6- नए स्कूल सेशन की शुरुआत-

अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र में माध्यमिक विद्यालयों की प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राएं अखबारों की सुर्खियां पढ़ेंगे, कठिन शब्दों का अर्थ समझेंगे और भाषा पर पकड़ मजबूत करेंगे। इसके साथ ही विद्यालयों में मोबाइल लाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ने की आदत विकसित करने और बढ़ते स्क्रीन टाइम पर लगाम लगाने के लिए समाचार पढ़ने को अब शैक्षणिक कैलेंडर का हिस्सा बना दिया गया है।

इससे पहले दिसंबर में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए समाचार पढ़ना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था।

🏠
Home
ℹ️
About
🖼️
Images
🔥
Trending