वॉयस ऑफ ए टू जेड न्यूज:-
लखनऊ- इमामबाड़े में हिजाब को लेकर मौलाना कल्बे जवाद ने कहा है कि हर धार्मिक स्थल के अपने कानून होते हैं। बिना हिजाब इमामबाड़े में जाने से रोकने का हमें पूरा हक है।
इमामबाड़ा धार्मिक जगह है, यहां बिना सिर ढके प्रवेश नहीं दिया जा सकता।
इमामबाड़ा घूमना है तो सिर ढकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। कई मंदिरों में भी मुसलमानों के प्रवेश पर रोक है। वहीं, कई धार्मिक स्थानों पर आधे कपड़ों में जाने पर भी रोक लगी है।
युवती ने हिजाब पर जताई थी आपत्ति–
स्वर्ण मंदिर में भी बिना सिर ढके प्रवेश नहीं दिया जाता। इसलिए इमामबाड़े के नियमों का पालन करना होगा। गौरतलब है कि इमामबाड़ा घूमने गई युवती ने हिजाब पर आपत्ति जताई थी।

वहीं, आल इंडिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा है कि हमारी इबादतगाहों में बेपर्दगी करने की किसी को इजाजत नहीं है।
हुसैनिया आसिफुद्दौला (बड़ा इमामबाड़ा), छोटा इमामबाड़ा, रौजा-ए-शाहनजफ या हुसैनाबाद ट्रस्ट की निगरानी में आने वाली कोई भी शिया इबादतगाह टूरिस्ट प्लेस नहीं है। हमारी इबादतगाहों में अमर्यादित आचरण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।